US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़?

अमेरिका और ईरान में बढ़ता हुआ तनाव:-

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़?अमेरिका और ईरान के बीच अगर यह तनाव बढ़ता ही रहा तो यह कुछ भारी समस्याएं हो जाएगी इसे किसी न किसी तरीके से बंद करना चाहिए नहीं तो और टेंशन बढ़ जाएगी ,मध्य पूर्व एक बार फिर दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बनता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव अब केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती हलचल ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

हॉर्मुज़ दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता माना जाता है,US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? जहाँ से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। यदि इस रास्ते पर किसी भी प्रकार का संकट आता है, तो उसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

क्यों जरुरी  है हॉर्मुज़?

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? हॉर्मुज़ इसलिए जरूरी है क्योंकि इस मार्ग से तेल की सप्लाई होती है और सभी देशों को यहां से तेल भेजा जाता है हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह इतना महत्वपूर्ण रास्ता है कि दुनिया के कई बड़े तेल निर्यातक देश इसी रास्ते से तेल भेजते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।

इसी वजह से अमेरिका हमेशा इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत रखता है।US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? दूसरी तरफ ईरान भी इस इलाके को अपनी रणनीतिक ताकत मानता है। यही कारण है कि जब भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है, सबसे पहले हॉर्मुज़ चर्चा में आ जाता है।

Trump और IRGC की रणनीति:-

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़?

US-Iran तनाव और हॉर्मुज़ संकट पर न्यूज़ थंबनेल

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के कार्यकाल में ईरान पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। उसी दौरान अमेरिकी प्रशासन ने IRGC यानी Islamic Revolutionary Guard Corps को आतंकवादी संगठन घोषित कर बड़ा कदम उठाया था।

इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब होते चले गए। US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? अब एक बार फिर गुप्त बातचीत, खुफिया डील और सैन्य गतिविधियों की खबरों ने माहौल गर्म कर दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान हॉर्मुज़ के आसपास अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटा हुआ है।

दुनिया पर क्या पड़ेगा असर?

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़?

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अगर हॉर्मुज़ में तनाव और बढ़ता है, तो इसका सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत समेत कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी भी सैन्य संघर्ष से आम लोगों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा टकराव बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिल सकती है। शेयर बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक सब प्रभावित हो सकता है।

क्या टल पाएगा बड़ा संकट?

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। संयुक्त राष्ट्र और कई बड़े देश लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। हालांकि मध्य पूर्व की राजनीति में हालात कब बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। हॉर्मुज़ केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन बन चुका है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में बढ़ती हर हलचल दुनिया भर की चिंता बढ़ा देती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि कूटनीति जीतती है या तनाव दुनिया को एक नए संकट की तरफ धकेल देता है।

इस संकट को केसे रोका जाये:-

US-Iran तनाव: क्या सच में हाथ से निकल रहा है हॉर्मुज़? अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस संकट को कैसे रोका जा सकता है इसके बीच में अमेरिका और ईरान अगर आपस में एक दूसरे को सपोर्ट करने लगे और उनके बीच जो बात विवाद चल रहा है इसे दूर कर दें तो यह संकट टल सकता है लेकिन अमेरिकी ट्रंप जो अपने आप को ज्यादा ही होशियार और समझदार समझता है इसलिए समस्या बढ़ती जा रही है इधर ईरान भी जब अमेरिका नहीं मान रहा है तो ईरान को भी कदम उठाने पड़ रहे हैं क्योंकि उसको अपने देश की भी सुरक्षा करनी है अब अगर दोनों में भाईचारा नहीं हुआ तो यह समस्या बढ़ती जाएगी और अंत में इसका असर संपूर्ण देश पर पड़ेगा

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